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बिहार के दो छात्रों ने बनाई कोरोना से बचाव की अलर्ट डिवाइस, केंद्र सरकार ने दिया पेटेंट प्रमाण पत्र

पटना। बिहार सहित पूरे देश में कोरोनावायरस संक्रमण (CoronaVirus Infection) की दूसरी लहर आ गई है। संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में जांच व बचाव के उपायों पर जोर दिया जा रहा है। इस बीच बिहार के दो बच्चों ने काेरोनावायरस के संक्रमण से बचाने के लिए एक अलर्ट डिवाइस (CoronaVirus Alert Device) बनाया है। इसकी उपयोगिता को देखते हुए केंद्र सरकार ने इसे पेटेंट का प्रमाण पत्र भी दिया है।

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संक्रमण से अपना बचाव करना जरूरी

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कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जरूरी है कि हम खुद का बचाव करें। मास्‍क (Mask) पहनें त‍था शारीरिक दूरी (Physical Distance) का पालन करें। समय-समय पर हाथों को साबुन (Soap) से धाेएं या सैनिटाइजर (Sanitizer) से साफ करें। इसके बावजूद अगर संक्रमण की आशंका हो तो अपनी जांच कराएं। संक्रमित पाए जाने पर खुद को आइसोलेट करें और डॉक्‍टर की परामर्श लें। साथ ही संपर्क में आए लोगों को भी इसकी जानकारी दें, ताकि वे भी अपनी जांच करा सकें।

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पटना के दो छात्रों ने बनाई अलर्ट डिवाइस

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बचाव व एहतियात के उपरोक्‍त कदमों को लेकर हम खुद तो अलर्ट रह सकते हैं, लेकिन क्‍या हो अगर दूसरा व्‍यक्ति लापरवाही बरते? इसे समझा बिहार के दो छात्रों अर्पित और अभिजीत ने। दोनों पटना में रहते हैं। अर्पित 12वीं का तो अभिजीत 10वीं का छात्र है। दोनों छात्रों ने दो लोगों के बीच शारीरिक दूरी को लेकर अलर्ट करने वाली एक डिवाइस बनाई है। यह डिवाइस बैज की तरह पॉकेट में लगाई जा सकती है।

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शारीरिक दूरी कम होते ही बजता है अलार्म

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अर्पित और अभिजीत के अनुसार इस डिवाइस को लगाए व्‍यक्ति के एक मीटर के दायरे में यदि कोई दूसरा व्‍यक्ति आता है तो डिवाइस का सेंसर उसके शरीर के तापमान को भांप लेता है। ऐसी स्थिति में डिवाइस में लगा अलार्म बजने लगता है।

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डिवाइस बनाने की कोशिश में मिली सफलता

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अर्पित और अभिजीत बताते हैं कि कोरोनावायरस के संक्रमण काल में लॉकडाउन के दौरान लोग संक्रमण से बचाव को लेकर योगदान दे रहे थे। तब उन्‍होंने भी बचाव के लिए एक यूजर फ्रेंडली व सस्‍ती मशीन बनाने की ठानी। शरीर के तापमान को मापकर अलर्ट करने वाली डिवाइस बनाने पर काम करना शुरु किया। इस कोशिश में सफलता भी मिली।

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Input: JNN

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