BIHARBreaking NewsMUZAFFARPURSTATE

महाराष्ट्र में लॉकडाउन से बिहार के कारोबारी और श्रमिक परेशान, वापस लौटने का आदेश

पटना: महाराष्ट्र में लगे लॉकडाउन की वजह से बिहार के कारोबारी और श्रमिक परेशान हो उठे हैं। एक ओर संपूर्ण लॉकडाउन की वजह से कारखानों-दुकानों के शटर गिर गए हैं, वहीं श्रमिकों को अपने शहर लौटने के लिए कहा जा रहा है। कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ने कहा है कि इस संबंध में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से हमारी मांग है कि इसे गंभीरता से लें, और राहत दें।

Sponsored



Sponsored

कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के बिहार के चेयरमैन कमल नोपानी और अध्यक्ष अशोक कुमार वर्मा ने कहा है कि महाराष्ट्र में 30 अप्रैल तक के लिए लॉकडाउन लगा दिया गया है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि यह साप्ताहांत के लिए है या पूरे माह के लिए है। भ्रम की स्थिति के बीच वहां 25 लाख कारोबारी परेशान हैं, जिसमें हजारों कारोबारी बिहार से हैं। श्रमिकों को कहा जा रहा है कि अपने शहर लौट जाओ। यह भी उचित नहीं हैं।

Sponsored

Muzaffarpur Wow Ads Insert Website

Sponsored

कैट ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखा पत्र

Sponsored

कैट ने इस संबंध में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र भी भेजा है। इसमें सुझाव दिया गया है कि संपूर्ण कारोबारी गतिविधियों को रोकने की जगह समय सीमा निर्धारित कर लॉकडाउन लगाया जाए। साथ ही संपूर्ण मानकों का भी पालन हो। उन्होंने कहा है कि ऐसे फैसले को लेते समय व्यावसायिक संघों से भी मशविरा कर लेना चाहिए। कैट के महासचिव डॉ. रमेश गांधी ने कहा है कि पत्र में यह भी सुझाव दिया गया है कि दुकानों को 11 बजे से शाम पांच बजे तक बिक्री करने की छूट मिलनी चाहिए।

Sponsored



Sponsored

उन्होंने कहा कि व्यापार बंद करने से आपूर्ति चेन बिगड़ जाएगी। सामानों की आपूर्ति बाधित होते ही आवश्यक वस्तुओं की किल्लत हो जाएगी। इससे बाजार संतुलन बिगड़ जाएगा। अशोक कुमार वर्मा ने कहा है कि अगर श्रमिक पलायन कर गए तो उत्पादन प्रभावित होगा और उत्पादों की किल्लत का भी सामना करना पड़ सकता है।

Sponsored

Sponsored

Sponsored

Sponsored

Input: JNN

Sponsored
Sponsored
Share this Article !

Comment here