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मुज़फ़्फ़रपुर : मास्क वितरण के नाम पर हो रही खानापूर्ति, गुणवत्ता पर भी ग्रामीण उठा रहे सवाल

Swaraj Shrivastava
By Swaraj Shrivastava On June 7, 2021
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कोरोना संक्रमण से बचाव और रोकथाम को लेकर सरकार जंहा एक तरफ अपनी योजनाओं को जमीनीस्तर पर उतार कर लोगो तक पहचाने में लगी है, लेकिन सरकार के वैसे पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि जो आमजन से रु ब रु होते है अगर वंही योजनाओं में बंदर बांट कर दें तो जरा सोचिए कैसे जनता को सरकार की योजनाओं का लाभ मिल पायेगा.

 

ऐसा ही कुछ देखने को मिला मुज़फ़्फ़रपुर के गायघाट प्रखण्ड के केवटसा पंचायत, शिवदाहा पंचायत और बरुआरी पंचायत में जंहा सरकार द्वारा जारी निर्देश के बाद मास्क तो वितरण हो रहा है लेकिन कुछ वार्डो में दिया जा रहा है और कुछ वार्डो में अबतक नही मिला, साथ ही मास्क ऐसा वितरण हो रहा है कि कुछ लोग मास्क को लेना नही चाहते और अगर लोग लेते भी तो पहनते नही है क्योंकि लोगो का कहना है कि इस मास्क को पहनना और न पहनना बराबर है.

 

शिवदाहा पंचायत के वार्ड सदस्य पति चित्री शर्मा ने कहा कि कई लोग ये मास्क नही लेना चाहते है, बरुआरी पंचायत के वार्ड सदस्य पति ने कहा कि प्रत्येक परिवार चार-चार मास्क दे रहे है. साथ कि केवटसा पंचायत के कुछ वार्ड में अबतक मास्क वितरण न हुआ कुछ में चार-चार दिया जा रहा है. बाकी मास्क की क्वालिटी तो ऐसी है की देखकर ही पता चल जाएगा. लोगो के बीच घटिया मास्क वितरण किया जा रहा है, वंही शिवदाहा में लोगो ने बताया कि इस मास्क को पहनने और न पहनना बराबर है.

 

जंहा सरकार के आदेशानुसार प्रत्येक परिवार को 6 मास्क देना है जिसमे एक मास्क की कीमत 15 रुपया होनी चाहिए लेकिन इन पंचायतो में मुश्किल से 7-8 रुपए वाला मास्क वितरण हो रहा है वो भी कंही 4 तो कंही 6 अब जरा सोचिए कि कैसे सरकारी योजनाओं में पैसों का बंदर बांट किया जाता होगा.

जब इस मामले को लेकर हमने गायघाट जीविका के बीपीएम रवि चौधरी से बात किया कि आप किसी तरह का मास्क प्रखण्ड में प्रोवाइड कर रहे है तो उन्होंने कहा कि डबल लेयर और थ्री फ्लाई का मास्क है जो हमने गायघाट बीडीओ को अबतक 51600 मास्क बना कर दिया बाद में उन्होंने कहा कि अब आगे पंचायत सचिव से बात कर फिर ऑर्डर देने की बात कही.

 

 

मामले में गायघाट बीडीओ डॉ विमल कुमार ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है, जांच कमेटी का गठन कर जांच करवाया जाएगा, पेमेंट रोक दिया जाएगा और क्वालिटी होने के बाद ही पेमेंट किया जाएगा, साथ ही कहा कि जांच में जो दोषी पाए जाएंगे उनपर कार्रवाई की जाएगी.

 

अब सबसे बड़ा सवार की आखिर कोंन है इसका जिमेबार, क्या वो पंचायत सेवक जिसके अंदर ये तीनो पंचायत है या पंचायत के जनप्रतिनिधि.

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