Sponsored
Breaking News

अगर जमीन खरीदने या बेचने जा रहे हैं तो आज से हो रहा है यह बड़ा बदलाव, जानें क्‍या है नई और पूरी प्रक्रिया?

Sponsored

बिहार में जमीन खरीद बिक्री के दौरान होने वाले दाखिल खारिज में नीतीश सरकार बड़ा बदलाव आज यानी एक मार्च से करने जा रही है. बुधवार से रजिस्ट्री के साथ ही स्वत: म्यूटेशन की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी. इसके लिए जमीन मालिक को ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी. इसकी वजह से अब जमीन खरीदारों को म्यूटेशन के झंझट से मुक्ति मिल जाएगी, हालांकि अभी यह सुविधा उन्हीं खरीदारों को मिलेगी, जो जमाबंदीदार से खरीदेंगे किसी दूसरे यानि किसी ऐसे वारिस से जमीन खरीदेंगे, जिनके नाम म्यूटेशन नहीं है तो पुरानी व्यवस्था से ही आवेदन करना होगा. नई व्यवस्था के लिए अंचल कार्यालय को निबंधन कार्यालय से जोड़ दिया गया है .

Sponsored

अंचल कार्यालय और निबंधन कार्यालय इन दोनों ही विभागो ने पूरी तैयारी कर ली है. सॉफ्टवेयर भी तैयार हो गया है और आज राजस्व भूमि सुधार एवं विधि विभाग के मंत्री रामसूरत राय इसकी शुरुआत करेंगे. स्वत: म्यूटेशन की सहमति भी देनी होगी पूरी व्यवस्था के लिए एक एप तैयार किया गया है.

Sponsored

Sponsored

नई व्यवस्था का लाभ लेने के लिए जमीन की रजिस्ट्री के समय ही एक प्रपत्र भरकर निबंधन कार्यालय में जमा करना होगा. साथ ही स्वत: म्यूटेशन की सहमति भी देनी होगी प्रपत्र में जमीन का पूरा ब्योरा के साथ जिनके नाम जमाबंदी कायम है. उसका भी पूरा विवरण देना होगा म्यूटेशन के साथ ही रजिस्टर टू से भी पुराने जमीन मालिक का नाम हट जाएगा और नये खरीदार का नाम जुड़ जाएगा, लेकिन अगर किसी भूखंड का छोटा भाग बिकता है तो बेची गई संपत्ति के भाग से नया नाम जुड़ेगा. शेष भूमि पुराने मालिक के नाम ही रहेगा. पूरी व्यवस्था के लिए एक ऐप तैयार किया गया है. ऐप के माध्यम से निबंधित कागजात का पीडीएफ अंचल कार्यालय तक पहुंच जाएगा. वर्तमान में भी सरकार ने म्यूटेशन की ऑनलाइन व्यवस्था की है, लेकिन इसके लिए जमीन मालिक को ऑनलाइन आवेदन करना होता है. साथ ही डीड की छायाप्रति भी जमा करनी होती है लेकिन अब इन सबसे मुक्ति मिल जाएगी.

Sponsored

पहले क्‍या थी प्रक्र‍िया
इस संबंध में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव विवेक सिंह ने बताया कि किसी भी संपत्ति के खरीदार को पहले दो प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था. पहले निबंधन कराने की प्रक्रिया फिर म्यूटेशन की लेकिन अब सिर्फ निबंधन की ही प्रक्रिया करनी होगी शेष काम अधिकारी खुद करेंगे. राज्य में म्यूटेशन का आंकड़ा 3.5 हजार रोज म्यूटेशन का आवेदन आता है. 1.15 करोड़ होल्डिंग की हर साल कटती है रसीद93.60 लाख हेक्टेयर है राज्य का रकबा.

Sponsored

बिना म्यूटेशन के जमीन बेचने वाले हतोत्साहित होंगे
स्वतः म्यूटेशन की नई व्यवस्था से बिना म्यूटेशन कराये जमीन बेचने की परम्परा घटेगी लोग जमीन बेचने के पहले म्यूटेशन कराने के लिए उत्साहित होंगे. राज्य सरकार ने बिना म्यूटेशन कराये जमीन की बिक्री पर पहले रोक लगा दी थी, लेकिन बाद में हाईकोर्ट ने सरकार के आदेश पर रोक लगा दी नई व्यवस्था फिर से उस पुराने आदेश को मानने के लिए बाध्य भले ना करे, लेकिन लोगों को प्रेरित जरूर करेगी कुछ वर्षों बाद बिना म्यूटेशन के जमीन की खरीद बिक्री पर रोक लगाने में सरकार को भी सहूलियत होगी.

Sponsored

Sponsored

Input: News18

Sponsored
Sponsored
Sponsored
Editor

Leave a Comment
Sponsored
  • Recent Posts

    Sponsored