मुजफ्फरपुर में बाढ़, बारिश और गर्मी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। इसका सबसे अधिक प्रभाव बच्चों पर पड़ रहा है। जिले में वायरल बुखार और डायरिया का कहर देखने को मिल रहा है। पिछले 24 घन्टे में 45 बच्चे SKMCH के पीकू वार्ड में भर्ती हुए हैं। इसमे 35 बच्चें वायरल बुखार, वायरल बरोंकोलिस्ट से ग्रसित हैं। वही 10 बच्चे डायरिया के भर्ती हुए हैं।
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इसकी जानकारी शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ. गोपाल शंकर साहनी ने दी। डॉ. साहनी ने बताया कि बच्चे वायरल बरोंकोलिस्ट बीमारी में श्वांस नली में सूजन हो जाता है। यह स्थिति जुकाम से शुरू होती है। सांस नली में सूजन होने से सांस फूलना, खांसी और सांस लेने में तकलीफ होती है। यह एक सप्ताह से एक महीने तक रह सकता है। अगर सही से और समय पर इलाज़ नहीं हुआ तो यह गंभीर रूप ले लेता है।
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दो मरीज रखने की विवशता:
डॉ. साहनी ने बताया कि पीकू वार्ड में सौ बेड है। वर्तमान में 120 मरीज भर्ती हैं। ऐसे में विवशता बन गयी है कि एक बेड पर दो मरीज को रखकर इलाज़ करें। NICU वार्ड भी फूल है। इसमे नवजात बच्चे का इलाज होता है। नवजातों में भी वायरल बुखार और जुकाम की समस्या बढ़ गयी है।
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24 घन्टे इमेरजेंसी मोड पर डॉक्टर- नर्स:
उन्होंने कहा कि 24 घन्टे सभी डॉक्टर और नर्स इमेरजेंसी मोड पर अलर्ट हैं। एक बेड पर दो-दो नर्सों की ड्यूटी लगाई गई है। अचानक बीमार पड़ने वाले बच्चों की संख्या में इज़ाफ़ा हुआ है। इससे भागदौड़ वाला दृश्य है। जलजमाव और गर्मी प्रमुख कारण : डॉक्टर का कहना है जलजमाव और गर्मी इसकी मुख्य वजह है। पिछले तीन-चार दिनों से जिले में भीषण गर्मी पड़ रही है। वहीं नीचे जलजमाव है। ग्रामीण इलाकों में पानी महीनों से जमकर गन्दा पड़ चुका है। इसमे बच्चे जाते हैं और बीमार पड़ रहे हैं। परिजन को फिलहाल कुछ दिनों तक सतर्कता बरतनी होगी।
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एक सप्ताह से फूल है वार्ड:
बता दें की चार दिन पूर्व भी 24 घन्टे में 91 बच्चे वायरल बुखार के भर्ती हुए थे। उस समय भी बेड फूल हो गया था। इसमे से कुछ बच्चे ठीक होकर घर लौट गए। वहीं फिर पिछले 24 घण्टों में मरीजो की संख्या में बढ़ोतरी हुई है।
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Input: bhaskar





