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दो साल पहले लिखवाया था युवक पर रेप केस, 18 साल की बालिग होने पर उसी से मंदिर में रचाई शादी

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By Editor On September 6, 2021
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आये दिन आपने बहुत से प्रेम प्रसंग के कई मामले देखे होंगे. इसी के चलते आज हम आपको एक ऐसे मामले के बारे में बताने का रहे ही जिसमे प्रेमिका ने बालिग होने पर भी अपने प्रेमी से मंगलवार को मंदिर में शादी रचा ली. इसके बाद प्रेमिका के घर वालों ने इसका विरोध करते हुए प्रेमी पर अपहरण व दुष्कर्म का मुदकमा दर्ज का दिया था और प्रेमी को पांच महीने जेल भी कटनी पड़ी.


दरअसल ये मामला यूपी के अलीगढ़ का बताया गया है और ये घटना थाना सासनी गेट के जयगंज इलाके की है. जहा प्रेमी को सजा पूरी होने के बाद हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी. और इसके बाद लड़की ने 18 साल होने पर कोर्ट में प्रेमी से मुहब्बत की अपनी पूरी दास्तां बयान करते हुए केस वापस ले लिया. अब घर वालों के विरोध के बाद भी प्रेमिका ने अपने प्रेमी से मंगलवार को श्री वार्ष्णेय मंदिर में हिन्दू रीति रिवाज के अनुसार प्रेमी से शादी रचा ली. इसके बाद प्रेमिका ने कहा की उसे अपनी जान का खतरा है और इस कारण प्रेमिका ने मुख्यमंत्री, एसएसपी, महिला आयोग से सुरक्षा की गुहार लगाई है.


दरअसल, ये प्यार की कहानी अनोखी इस लिए है क्योकि इसमें इस लड़की ने अपने प्यार की चिंगारी को बुझने नहीं दिया. और पहली नजर में हुए प्यार को पाने के लिए लड़की ने बालिग होने तक इंतजार भी किया. वही दूसरी तरफ प्रेमी भी बदनाम होने के बावजूद भी मिलन की घड़ी तक इंतजार करता रहा.


दरअसल इस प्यार की कहानी तीन साल पहले शुरू हुई थी जहा पंचनगरी की रहने वाली खुशी पाठक को कोचिंग में पढ़ने वाले वरुन नाम के लड़के से महोब्बत हो गई. जिसके बाद वरुन भी खुशी पाठक के प्यार में गिरफ्तार हो गया. दोनों का प्यार परवान चढ़ गया लेकिन इस प्यार के रिश्ते को खुशी के घर वालों ने सहमती नहीं दी. इस कारण दोनों घर से भाग निकले लेकिन खुशी के पिता प्रेमचंद्र ने थाना सासनी गेट में वरुन के खिलाफ अपहरण व दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज करा दिया. जिसके बाद पुलिस ने दोनों को पकड़ ल‍िया और वरुन को अपहरण व दुष्कर्म के आरोप में जेल जाना पड़ा.


लेकिन प्रेमिका खुशी अपने प्रेमी के बचाव में कोई कड़ा कदम नहीं उठा सकी क्योंकि वह नाबालिग थी. वहीं,पिता प्रेमचंद ने भी वरुन से संबंध रखने पर लड़की को आत्महत्या की धमकी देकर डरा दिया था. इसके बाद घरवालों के विरोध के कारण खुशी भी तीन साल तक चुप रही. इसके बाद वरुन को पांच महीने जेल काटी और इसके बाद हाईकोर्ट से जमानत मिली.


इसके बाद 31 मार्च 2021 को खुशी पाठक की उम्र भी 18 साल हो गई और अपनी मर्जी से निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र हो गई. जिसके बाद मंगलवार को खुशी ने कोर्ट में अपने वकील को खड़ा कर जज के सामने अपने प्यार की कहानी बयान कर दी. जिसके बाद खुशी पाठक ने न्यायालय से वरुन के खिलाफ चल रहे केस को वापस ले लिया.


वरुण के उपर से केस हटने के बाद ख़ुशी ने मंगलवार को मंदिर में अपने प्रेमी से दुबारा शादी कर ली. इस शादी के दौरान वकील, मंदिर के पुजारी और वरुन के पिता अरविंद परिवार सहित मौजूद रहे खुशी के पिता प्रेमचंद्र इस शादी के खिलाफ है इसलिए इस शादी में खुशी के घरवाले शामिल नहीं हुए. खुशी ने लाल जोड़े में वरुन को जयमाला पहना कर अपना जीवन साथी बना लिया.



लेकिन इसके बाद अब ख़ुशी को अपने घर वालों से जान का खतरा है जिसके कारण ख़ुशी ने मुख्यमंत्री, एसएसपी व महिला आयोग को पत्र भेज कर सुरक्षा की मांग की है. शादी के बाद खुशी ने कहा कि कोर्ट में मेरे परिवार ने केस किया था लेकिन मै उस समय कुछ नहीं कर पाई और अब 18 साल की होने पर वरुन के बचाव में बयान दिया है और अब 18 प्लस होने पर अपनी मर्जी से शादी कर रही हूं. वरुन के पिता अरविंद अग्रवाल ने बताया कि तीन साल पहले दोनों का अफेयर चल रहा था और वह शादी करना चाहते थे लेकिन 18 साल से कम होने के चलते नहीं कर पायें.


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