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यह है Muzaffarpur Smart City , जल जमाव का समाधान नहीं निकला, लोगों ने खुद रास्ता निकाला

Abhishek
By Abhishek On August 29, 2021
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380 सड़काें पर घुटने तक पानी; 618 राेड टूटे, मरम्मत के लिए चाहिए ~250 कराेड़ : बाढ़ और तेज बारिश के कारण जिले में ग्रामीण से शहरी इलाकों तक में तबाही हुई है। विभागीय सर्वे के अनुसार ग्रामीण इलाके की 618 सड़कें टूट गई हैं। इसे सुगम यातायात के अनुकूल बनाने काे कराेड़ाें रुपए खर्च करने हाेंगे। फिलहाल जिले भर की 380 सड़कें पानी में डूबी हुई हैं। पारू, कटरा, अाैराई, सकरा और साहेबगंज में दर्जनों दर्जन सड़काें पर तीन-तीन फीट तक पानी बह रहा है। इन सड़काें पर बने गड्ढों के कारण चलना दूभर है। बाइक सवार हादसे का शिकार हाे रहे हैं। चारपहिया वाहनों काे भारी क्षति हाे रही है।

विभाग के मुख्यालय के निर्देश पर बाढ़ और बारिश से क्षतिग्रस्त सड़काें की मरम्मत के लिए ग्रामीण कार्य और पथ निर्माण विभाग ने सर्वे कराया है। सर्वे रिपोर्ट के अनुसार क्षतिग्रस्त सड़काें की मरम्मत अथवा नए सिरे से निर्माण पर 250 कराेड़ रुपए से अधिक खर्च का अनुमान है। ग्रामीण कार्य प्रमंडल पूर्वी-2 के कार्यपालक अभियंता का दावा है कि उनके 5 प्रखंड इलाके की 42 सड़कें दुरुस्त की जा चुकी हैं। ग्रामीण कार्य प्रमंडल पूर्वी-1 के कार्यपालक अभियंता के क्षेत्र में 14 सड़काें की मरम्मत हाे जाने और 22 की मरम्मत हाे रही हाेने का दावा है। ग्रामीण कार्य प्रमंडल पश्चिमी के क्षेत्र की 56 सड़काें काे आवागमन लायक बनाया जा चुका है। तीन की मरम्मत जारी है।

इधर, पूर्व मेयर व नगर आयुक्त के विरुद्ध परिवाद
बजट में सुझाव लेने के बाद भी शहर में जलजमाव से निजात के लिए संप हाउस व नालों के बहाव काे सुचारू नहीं करने के आरोप में शनिवार काे सीजेएम काेर्ट में पूर्व मेयर सुरेश कुमार और नगर आयुक्त विवेक रंजन मैत्रेय के खिलाफ परिवाद दायर किया गया। इसमें सशक्त स्थाई समिति के सदस्यों काे भी आरोपी बनाया गया है। कन्हाैली अजरकबे के अशोक कुमार ने परिवाद दायर किया है। इसे ग्रहण के बिंदु पर सुनवाई के लिए रखा गया है।

 

Input: Daily Bihar

 

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