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क्रिप्टोकरेंसी की अब तक की सबसे बड़ी हैकिंग, हैकर्स ने निवेशकों के 4500 करोड़ चुराए

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By Editor On August 11, 2021
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डिजिटल वर्ल्ड के चोरों यानी हैकर्स ने 60 करोड़ डॉलर (लगभग 4,545 करोड़ रुपए ) से ज्यादा की इथीरियम और दूसरी क्रिप्टोकरंसी चुरा ली है। ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी बेस्ड प्लेटफॉर्म पॉली नेटवर्क ने मंगलवार को चोरी की जानकारी एक ट्वीट के जरिए दी। इस साल क्रिप्टोकरंसी में सेंधमारी की कई घटनाएं हुई हैं, लेकिन इतनी बड़ी चोरी पहली बार हुई है।




चोरी से हजारों इनवेस्टर्स को नुकसान
यह डीफाई यानी डीसेंट्रलाइज्ड फाइनेंस की दुनिया में क्रिप्टोकरंसी की सबसे बड़ी चोरी है। पॉली नेटवर्क यूजर्स को क्रिप्टो टोकन के लेन-देन की सुविधा देने वाला प्लेटफॉर्म है। इसका कहना है करोड़ों डॉलर की क्रिप्टोकरंसी की इस चोरी में हजारों इन्वेस्टर्स को नुकसान हुआ है।


प्रभावित प्लेटफॉर्म ने बताए चोरों के पते
पॉली नेटवर्क ने मंगलवार की सुबह ट्वीट जारी कर कहा, ‘हमें दुख के साथ बताना पड़ रहा है कि #PolyNetwork पर साइबर अटैक हुआ था।’ उसने बताया कि सेंधमारी में क्रिप्टो इन्वेस्टर्स के करोड़ों डॉलर चोरी हुए हैं। जिन चोरों के पास चोरी की रकम ट्रांसफर हुई है, उनके पते भी उसने बताए हैं।


कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी
उसने कहा, ‘हम प्रभावित ब्लॉकचेन माइनर्स और क्रिप्टो एक्सचेंज से अपील करते हैं कि वे इन पते से आने वाले टोकन को ब्लैकलिस्ट कर दें।’ पॉली नेटवर्क नियो, ओंटोलॉजी और स्विचको जैसे कई ब्लॉकचेन प्लेटफॉर्म को खड़ा करने वाली टीम के गठबंधन से बना है। उसने हैकर्स को कानूनी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए क्रिप्टोकरंसी लौटाने के लिए कहा है।


सबसे ज्यादा इथीरियम टोकन चोरी हुए हैं
माना जा रहा है कि सेंधमारी में सबसे ज्यादा (रकम के) इथीरियम टोकन चोरी हुए हैं। बताया जाता है कि पॉलीगॉन नेटवर्क से 27.3 करोड़ डॉलर के इथीरियम, 25.3 करोड़ डॉलर के बाइनेंस स्मार्ट चेन (BSC) और 8.5 करोड़ डॉलर के US डॉलर कॉइन (USDC) टोकन चोरी हुए हैं।


चोरी हुए 3.3 करोड़ के स्टेबलकॉइन तुरंत फ्रीज
पॉली नेटवर्क के प्लेटफॉर्म पर हुई सेंधमारी में 3.3 करोड़ डॉलर के स्टेबलकॉइन टेथर भी चोरी हुए थे, लेकिन उनको तुरंत फ्रीज कर दिया गया था। इसका मतलब यह हुआ कि चोरी किए गए टोकन का इस्तेमाल हैकर नहीं कर पाएंगे। जिन क्रिप्टोकरंसी में बहुत कम उतार-चढ़ाव होता है, उनको स्टेबलकॉइन कहा जाता है। आमातौर पर इनका इस्तेमाल पोर्टफोलियो डायवर्सिफिकेशन के लिए होता है।

Input: Bhaskar

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