रक्षा बंधन का त्योहार इस साल रविवार, 22 अगस्त को मनाया जाएगा. रक्षा बंधन का त्योहार श्रवण नक्षत्र में मनाया जाता है, लेकिन इस बार यह सावन पूर्णिमा पर धनिष्ठा नक्षत्र के साथ मनाया जाएगा. शोभन योग भी इस त्योहार को खास बना रहा है. ज्योतिषविदों का कहना है कि राखी पर इस बार सालों बाद एक महासंयोग भी बन रहा है. Photo: Getty Images

ज्योतिषियों के मुताबिक, रक्षा बंधन का त्योहार राजयोग में आएगा.
राखी पर इस बार भद्रा का साया भी नहीं रहेगा जिसके कारण बहनें पूरे दिन भाई को राखी बांध सकेंगी. इस दौरान कुंभ राशि में गुरु की चाल वक्री रहेगी और इसके साथ चंद्रमा भी वहां मौजूद रहेगा. Photo: Getty Images

गुरु और चंद्रमा की इस युति से रक्षा बंधन पर गजकेसरी योग बन रहा है. गजकेसरी योग से इंसान की महत्वाकांक्षाएं पूरी होती हैं. धन संपत्ति, मकान, वाहन जैसे सुखों की प्राप्ति होती है. गज केसरी योग से राजसी सुख और समाज में मान-सम्मान की भी प्राप्ति होती है. Photo: Getty Images

गज केसरी योग से किसे नहीं होगा लाभ – कुंडली में जब चंद्रमा और गुरु केंद्र में एक दूसरे की तरफ दृष्टि कर बैठे हों तो गज केसरी योग बनता है. यह योग लोगों को भाग्यशाली बनाता है, लेकिन अगर कुंडरी में बृहस्पति या चंद्रमा कमजोर हो तो इस योग का लाभ नहीं मिल पाता है.

इसके अलावा, रक्षा बंधन पर सिंह राशि में सूर्य, मंगल और बुध ग्रह एक साथ विराजमान होंगे. सिंह राशि का स्वामी सूर्य है. इस राशि में मित्र मंगल भी उनके साथ रहेगा. जबकि शुक्र कन्या राशि में होगा. ग्रहों का ऐसा योग बेहद शुभ और फलदायी रहने वाला है.

ज्योतिषविदों का कहना है कि रक्षा बंधन पर ग्रहों का ऐसा दुर्लभ संयोग 474 साल बाद बन रहा है. इससे पहले 11 अगस्त 1547 को ग्रहों की ऐसी स्थिति बनी थी जब धनिष्ठा नक्षत्र में रक्षा बंधन मनाया गया था और सूर्य, मंगल और बुध एकसाथ ऐसी स्थिति में आए थे. Photo: Getty Images

उस समय शुक्र बुध के स्वामित्व वाली राशि मिथुन में विराजमान थे. जबकि इस वर्ष शुक्र बुध के स्वामित्व वाली राशि कन्या में स्थित रहेंगे. ज्योतिषियों का कहना है कि रक्षा बंधन पर ऐसा संयोग भाई-बहन के लिए अत्यंत लाभकारी और कल्याणकारी रहेगा. जबकि खरीदारी के लिए राजयोग भी बेहद शुभ माना जाता है.

राखी बांधने का शुभ मुहूर्त – रक्षा बंधन पर इस बार राखी बांधने के लिए 12 घंटे 13 मिनट की शुभ अवधि रहेगी. आप सुबह 5.50 से लेकर शाम 6.03 तक किसी भी वक्त रक्षा बंधन मना सकते हैं. वहीं, भद्रा काल 23 अगस्त को सुबह 5 बजकर 34 मिनट से 6 बजकर 12 मिनट तक रहेगा. Photo: Getty Images

इस दिन शोभन योग सुबह 10 बजकर 34 मिनट तक तक रहेगा और धनिष्ठा नक्षत्र शाम 7 बजकर 40 मिनट तक रहेगा. ऐसा कहते हैं कि धनिष्ठा नक्षत्र में पैदा होने वाले लोगों का भाई-बहन से रिश्ता बहुत खास होता है और इसीलिए रक्षा बंधन पर धनिष्ठा नक्षत्र को खास माना जा रहा है. Photo: Getty Images
Input: Aaj Tak
