राज्य भर में टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन विभाग की ओर से कई योजनाएं चल रही है। जिसके माध्यम से पर्यटकों को सुविधाएं दी जाती है। अब विभाग ग्रामीण टूरिज्म को आगे बढ़ाने के लिए गांव का चयन करेगी, जहां कला-संस्कृति, हस्त कला और गांव के खान-पान को बढ़ावा दिया जायेगा।
बिहार में टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन विभाग की ओर से कई योजनाएं चल रही है। जिसके माध्यम से पर्यटकों को सुविधाएं दी जाती है।
अब विभाग ग्रामीण टूरिज्म को आगे बढ़ाने के लिए गांव का चयन करेगी। जहां कला-संस्कृति, हस्त कला और गांव के खान-पान को बढ़ावा दिया जायेगा।

इसके लिए विभाग की ओर से जिलों को दिशा -निर्देश भेजा गया है। पर्यटन विभाग इस योजना पर अगस्त से काम तेज करेगा।जिलों से मिली रिपोर्ट के बाद गांव का चयन किया जायेगा।
खान-पान से बढ़ेगा रोजगार

गांव में पर्यटक पहुंचे। इसके लिए गांव का चयन किया जायेगा। जिसमें वैसे जिलों को पहले चुना जायेगा। जहां के खानपान को पहचान देश भर में हो। वहीं, उस गांव की पहचान कुछ अन्य बातों में भी हो, जिसे देखने की उत्सुकता पर्यटकों को रहे।
पर्यटकों के लिए होंगे सुलभ रास्ते
जिस गांव का चयन किया जायेगा। उस गांव तक पर्यटकों के लिए रास्तों को सुलभ करने के लिए भी काम होगा। वहां पर आने -जाने की पूरी व्यवस्था होगी।
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साथ ही, ग्रामीण परिवेश में पर्यटक रात में ठहर सकें और गांव के मनमोहक वातावरण में एक-दिन रह सकें। इसकी पूरी व्यवस्था की जायेगी।
गांवों में ढाबा व रेस्टोरेंट से रोजगार

ग्रामीण क्षेत्र से गुजरने वाली सड़कों पर रेस्टोरेंट व ढाबा खोलने पर विभाग ने पूरी प्लानिंग कर ली है। इन सड़कों पर खुलने वाले रेस्टोरेंट से ग्रामीण टूरिजम को जोड़ा जायेगा। इसमें विभागीय स्तर पर युवाओं को जोड़ने के लिए काम करेगा।
क्या कहते हैं अधिकारी?
पर्यटन विभाग के नारायण प्रसाद कहते हैं कि ग्रामीण टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए विभाग के स्तर से कई काम शुरू किया गया है। गांव के खान-पान से पर्यटक जुड़ेंगे और युवाओं को रोजगार भी मिलेगा।





