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बिहार की हुमा और आरजू सेल्फ स्टडी से बनी दरोगा, बताया कैसे मिली कामयाबी

अररिया प्रखंड के हरिया मुरबल्ला की रहने वाली हुमा शमीम आजादनगर अररिया में रहकर शिक्षा हासिल करने के साथ प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रही थी।

ग्रामीण और अति पिछड़े इलाके में रहकर सेल्फ स्टडी के बदौलत अररिया की दो बेटियां दारोगा बनी हैं। बिहार सरकार के गृह विभाग पटना की ओर से 2020 में आयोजित पुलिस अवर निरीक्षक की परीक्षा में वो अंतिम रूप से चयनित हुईं।

अररिया के हरिया मुर्बल्ला के रहने वाली हुमा शमीम और नवाबगंज फुलकाहा की रहने वाली आरजू कुमारी पोद्दार ने यह सफलता हासिल की।

ग्रामीण परिवेश में रहकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाली दोनों बेटियों की कामयाबी से गांव समेत पूरे जिले के लोगों में खुशी है। इसे नारी सशक्तीकरण का नायाब तोहफा जिले के लिए मान रहे हैं।

लगातार प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही थीं हुमा

अररिया प्रखंड के हरिया मुरबल्ला की रहने वाली हुमा शमीम आजादनगर अररिया में रहकर शिक्षा हासिल करने के साथ प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रही थी। हुमा शमीम लगातार कई परीक्षा में एक साथ सफलता प्राप्त की।

Huma Shamim passed the Assistant Urdu Translator exam a few days ago
हुमा शमीम ने कुछ दिनों पहले सहायक उर्दू अनुवादक की परीक्षा पास की

कुछ दिनों पहले उन्होंने सहायक उर्दू अनुवादक की परीक्षा पास की। उससे पहले भी बीपीएससी की लिखित परीक्षा पास की थी। अब वो अंतिम रूप से पुलिस अवर निरीक्षक के लिए चयनित हो चुकी हैं।

हुमा के परिवार में खुशी की लहर

हुमा शमीम मुरबल्ला गांव के रहने वाले प्रो शमीम अख्तर की पुत्री हैं, जो यादव कॉलेज अररिया के सेवानिवृत प्रिंसिपल रह चुके हैं। उनकी माता प्रो अंजुमन आरा मिल्लिया कॉलेज में उर्द विभाग में व्याख्याता के साथ साथ साक्षरता अभियान में जिला कार्यक्रम समन्वयक भी रह चुकी हैं।

Huma Shamim is the daughter of Prof. Shamim Akhtar, the retired principal of Yadav College, Araria.
यादव कॉलेज अररिया के सेवानिवृत प्रिंसिपल प्रो शमीम अख्तर की पुत्री हैं हुमा शमीम

हुमा शमीम की पढ़ाई बुनियादी गर्ल्स गाइड एकेडमी से हुई फिर आईएससी यादव कॉलेज से बीएससी अररिया कॉलेज से और फिर बीएड फारबिसगंज कॉलेज से की। हुमा शमीम की इस सफलता पर उनके परिवार और उनके रिश्तेदारों दोस्ती में खुशी को लहर है।

आरजू पोद्दार बनीं दारोगा तो घर में खुशी का माहौल

नरपतगंज प्रखंड स्थित नवाबगंज पंचायत के फुलकाहा बाजार में किसान और व्यवसायी उमेश प्रसाद पोद्दार और रेणु देवी पोद्दार की बेटी आरजू कुमारी ने बिहार दारोगा परीक्षा में कामयाबी हासिल की है।

When-Arju-became-a-inspector-there-was-an-atmosphere-of-happiness-in-the-house
आरजू पोद्दार बनीं दारोगा तो घर में खुशी का माहौल

उन्होंने माध्यमिक परीक्षा कुनकुन देवी हाई स्कूल फुलकाहा से और इंटर की परीक्षा फारबिसगंज कॉलेज से पास की।

बीएड का एग्जाम देने जा रही थीं तभी दारोगा बनने का चला पता

आरजू फारबिसगंज कॉलेज से स्नातक करने के बाद वर्तमान में बीएड की पढ़ाई कर रही हैं। गुरुवार को बीएड की परीक्षा देने पूर्णिया जा रही थीं तभी बिहार दरोगा का रिजल्ट आया और कुछ पलों में हीं वह दारोगा बन गई।

आरजू ने बताया कि सेल्फ स्टडी के साथ दरोगा के शारीरिक परीक्षा की तैयारी खुद से ही की। आरजू की सफलता से उनके परिवार के खुशी का माहौल है। परिवार के सदस्य एक दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जाहिर कर रहे हैं।

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