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विधानसभा अध्यक्ष के सिर पर फूटा विधायकों की पिटाई का ठीकरा, DGP और मुख्य सचिव ने कहा- जो अध्यक्ष ने कहा हमने वही किया

नीतीश सरकार के आलाधिकारियों ने भी बिहार विधानसभा में विधायकों की बर्बर पिटाई का दोष विधानसभा अध्यक्ष पर फोड़ दिया है. बिहार के डीजीपी औऱ गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव ने आज दावा किया कि मंगलवार को विधानसभा में जो कुछ हुआ वह विधानसभा अध्यक्ष के निर्देश पर हुआ. अगर किसी को ये लगता है कि पुलिस ने गलत किया है तो विधानसभा अध्यक्ष कार्रवाई का निर्देश दें, सरकार दोषियों पर कार्रवाई कर देगी.

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विधायकों की पिटाई का वीडियो डीजीपी ने भी नहीं देखा
दरअसल बिहार विधानसभा में विपक्षी विधायकों की पुलिस द्वारा लात-जूते से पिटाई का वीडियो पूरे देश में वायरल है. कल ही नीतीश कुमार कह चुके हैं कि उन्होंने पुलिस की कोई गलती नहीं देखी. जो कुछ किया वह विपक्षी विधायकों ने किया. गुरूवार को जब बिहार के गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव चैतन्य प्रसाद औऱ डीजीपी एस के सिंघल से जब पत्रकारों ने पूछा कि क्या उन्होंने विधायकों की पुलिस द्वारा बर्बर पिटाई का वीडियो देखा है. दोनों अधिकारियों ने कहा उन्होंने कुछ नहीं देखा.

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विधानसभा अध्यक्ष ने बुलायी थी पुलिस
गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव चैतन्य प्रसाद औऱ डीजीपी एस के सिंघल ने कहा कि मंगलवार को बिहार विधानसभा में पुलिस को विधानसभा अध्यक्ष ने बुलवाया था. विधानसभा अध्यक्ष के कहने पर पुलिस गयी थी, पुलिस ने उनके निर्देश पर कार्रवाई की. चैतन्य प्रसाद ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष के कहने पर पुलिस मार्शल के सहयोग के लिए गयी थी.

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स्पीकर कहेंगे तो करेंगे कार्रवाई
डीजीपी एस के सिंघल ने कहा कि विधानसभा परिसर पर पूरा नियंत्रण स्पीकर का होता है. वहां किसी तरह की कोई जांच भी स्पीकर ही करा सकते हैं. वहां सरकार या प्रशासन का कोई अधिकार नहीं होता. अगर किसी को लग रहा है कि पुलिस ने ज्यादती की है तो स्पीकर उसकी जांच करायें. स्पीकर जांच करके निर्देश दें. वे जो भी निर्देश देंगे उसके मुताबिक कार्रवाई की जायेगी.

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क्या बीजेपी के मत्थे दोष मढ़ने की नीतीश की तैयारी
विधानसभा में विधायकों की बर्बर पिटाई के मामले में कल नीतीश कुमार का बयान औऱ फिर सरकार के आलाधिकारियों के बयान से जेडीयू-बीजेपी के बीच शह-मात के खेल की भी झलक मिलने लगी है. विधानसभा में विपक्षी विधायकों की बर्बर पिटाई के मामले में नीतीश कुमार ने भी कहा था कि जो हुआ स्पीकर के कहने पर हुआ. आज उसी बात को अधिकारियों ने दुहराया.

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जानकारों की मानें तो नीतीश कुमार पिटाई का सारा दोष बीजेपी के मत्थे मढ़ना चाहते हैं. दरअसल विधानसभा अध्यक्ष बीजेपी कोटे से आते हैं. विधानसभा अध्यक्ष ने किस दबाव के तहत पुलिस को बुलाया था इसे लेकर कई तरह के चर्चे आम हैं. जानकार बताते हैं कि विधानसभा में मंगलवार को चुन चुन कर ऐसे अधिकारियों को भेजा गया था जो नीतीश कुमार के करीबी बताये जा रहे हैं.

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सदन के अंदर जाकर नेता प्रतिपक्ष से हाथापाई पर उतारू होने वाले फुलवारीशरीफ के एएसपी मनीष कुमार नीतीश कुमार के ही खास माने जाते हैं. विधानसभा परिसर सचिवालय थाना औऱ सचिवालय डीएसपी के अधीन आता है. पटना शहर में एसपी औऱ एएसपी-डीएसपी रैंक के अधिकारियों की फौज तैनात है. लेकिन मंगलवार को सदन के अंदर खास पर फुलवारीशरीफ के एएसपी को भेजा गया था.

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वैसे तेजस्वी यादव भी कह चुके हैं नीतीश कुमार ने अपने स्वजातीय गुंडों को विधायकों को पीटने के लिए बुलाया था. तेजस्वी का आरोप है कि वैसे पुलिस अधिकारी जिन्हें बर्खास्त कर दिया गया है लेकिन वे नीतीश कुमार के स्वजातीय हैं उन्हें भी मंगलवार को विधानसभा में बुलाया गया था. विधानसभा में सिविल ड्रेस में गुंडे विधायकों को पीट रहे थे.

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Input: Firstbihar

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