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डिजिटलाइजेशन व मैन्युअल के चक्कर में फंसी बिहार यूनिवर्सिटी के छात्रों की डिग्री, कॉलेज से विवि तक काट रहे चक्कर

बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में डिजिटलाइजेशन व मैन्युअल के चक्कर में छात्रों की डिग्री फंस गयी है। डिग्री के लिए छात्र कॉलेज से विवि तक की दौड़ लगा रहे हैं। जिन छात्रों ने दो से तीन महीने पहले इसके लिए आवेदन किया है, उनकी भी डिग्री अब तक नहीं बन पायी है जबकि ये छात्र तीन साल पहले ही पास हो चुके हैं।

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विवि अधिकारियों के अनुसार, इस साल से पूरी तरह से कम्प्यूटराइज डिग्री मिलनी है। इस कारण स्नातक की डिग्री विवि प्रेस में छपना फिलहाल बंद हो गया है। कम्प्यूटराइज डिग्री बाहर से छपकर आएगी। यही नहीं, डिग्री के फॉर्मेट में भी बदलाव किया गया है। इस कारण बीते कुछ माह से छात्रों को डिग्री नहीं दी जा रही है।

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वहीं, छात्रों का कहना है कि नौकरी व अन्य विवि में पीजी की पढ़ाई के लिए उन्होंने आवेदन किया है। ऐसे में डिग्री न मिलने से उन्हें परेशानी होगी। कहा कि जिन छात्रों ने साल भर पहले आवेदन किया था उनको भी डिग्री के लिए चक्कर लगाना पड़ रहा है।

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छात्र आलोक कुमार ने कहा कि नवंबर में उसने विवि के पोर्टल पर अप्लाई किया था। अबतक डिग्री नहीं मिल सकी है। कॉलेज में जाने पर कहा जा रहा है कि विवि से डिग्री बन कर नहीं आयी है। वहीं, विवि आने पर अगले सप्ताह आने को कहा जाता है। एक महीने में तीन बार आकर लौट चुका हूं, लेकिन डिग्री नहीं मिली। अब कहा जा रहा है कि कुछ दिन और इंतजार करना होगा। दर्जनों छात्र हर दिन लौट रहे हैं।

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मामले में परीक्षा नियंत्रक डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि जिन छात्रों की डिग्री पहले छप चुकी है उन्हें दी जा रही है। नयी तरह की डिग्री अबतक छपकर नहीं आयी है। इसके आने के बाद परीक्षा विभाग के रजिस्टर से मिलान के बाद उसे छात्रों को दिया जाना है। उन्होंने उम्मीद जतायी कि अगले महीने से छात्रों को कम्प्यूटराइज डिग्री मिलने लगेगी।

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