जमशेदपुर की 8 साल की तुलसी ने यह साबित कर दिया मन में अगर किसी चीज को लेकर शिद्दत हो तो वो देर से ही सही लेकिन पूरी जरूर होती है। दरअसल तुलसी रविवार को लॉकडाउन के दौरान किननं स्टेडियम के पास आम बेच रही थी। तभी तुलसी से एक न्यूज चैनल के संवाददाता ने पूछा कि शहर में लॉकडाउन है ऐसे में वो बाहर सड़क पर ऐसे आम क्यों बेच रही है। इस पर तुलसी ने बताया कि उसे आगे की पढ़ाई करनी है और पेसे नहीं है, पढ़ाई करने के लिए मोबाइल खरीदना है जिससे पढ़ सकें।
तुलसी ने कहा कि पहले मोबाइल की जरूरत नहीं होती थी कि क्योंकि स्कूल जाते थे। टीचर पढ़ा देते थे, लेकिन कोरोना के चलते स्कूल भी बंद है। सारी पढ़ाई मोबाइल पर ही हो रही है। इसलिए मोबाइल की बहुत जरुरत है। इस खबर के वायरल होने के बाद वैल्युएबल एडुटेंमेंट कंपनी के वाइस चेयरमैन नरेंद्र हेते, तुलसी की मदद को आगे आए। कंपनी के डायरेक्टर और उनके बेटे अमेया हेटे ने तुलसी की मदद की। अमेया हेटे ने मासूम से एक आम 10 हजार रुपए का खरीदा। उन्होंने लड़की से 12 आम खरीदे।
जिसके बदले उसे 1.20 लाख रुपये दिए। इतना ही नहीं तुलसी को एक मोबाइल फोन और दो साल का इंटरनेट भी फ्री करवा कर दिया। ताकि वो अपनी ऑनलाइन पढ़ाई कर सके और उसे कोई परेशानी न आए। तुलसी की मदद करके नरेंद्र हेटे और पुत्र अमेया काफी खुश हैं। वहीं तुलसी अब इससे बहुत खुश है। उसका कहना है कि अब उसे आम नहीं बेचने पड़ेंगे। साथ ही उसने कहा कि उसके आम इतने मीठे होंगे कि उसकी जिंदगी बदल जाएगी पता नहीं था।
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