Sponsored
Breaking News

हाथरस कांड: पीड़िता के भाई और आरोपी के बीच 100 से ज्यादा बार हुई फोन पर बात, कॉल डिटेल्स से हुए ये बड़े खुलासे

Sponsored

उत्तर प्रदेश के हाथरस मामले (Hathras Case) में हर दिन एक नया मोड़ सामने आया है। दरअसल, बताया जा रहा है कि पीड़िता के परिवार और मुख्य आरोपी संदीप के बीच पुरानी जान-पहचान थी। पुलिस के मुताबिक, जांच में पता चला है कि संदीप को पीड़िता के भाई के नाम से एक नंबर से नियमित कॉल आए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीड़िता के भाई के नंबर 989xxxxx और संदीप के 76186xxxxx के बीच 13 अक्टूबर, 2019 से टेलीफोनिक बातचीत शुरू हुई। अधिकांश कॉल चंदपा क्षेत्र में स्थित और सेल टॉवरों से किए गए थे, जो पीड़िता के गांव बूलगढ़ी से बमुश्किल 2 किमी दूर थे।

Sponsored

 

पीड़िता के भाई और घटना के मुख्य आरोपित संदीप सिंह की कॉल डिटेल सामने आने के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं। रिकार्ड्स में यह भी सामने आया है कि युवती के भाई के नंबर से आरोपित संदीप सिंह के नंबर पर 62 बार और संदीप के नंबर से युवती के भाई के मोबाइल पर 42 बार काल की गई।

Sponsored

Sponsored

 

हाथरस कांड में आज SIT सौंप सकती है रिपोर्ट

Sponsored

हाथरस कांड की प्रारंभिक छानबीन के लिए गठित एसआईटी बुधवार को अपनी रिपोर्ट सौंप सकती है। प्रदेश सरकार ने गृह सचिव भगवान स्वरूप की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी गठित की थी। एसआईटी द्वारा प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाथरस के एसपी, सीओ समेत पांच पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया था। एसआईटी को जांच के लिए सात दिन दिए गए थे। एसआईटी अब अपनी छानबीन पूरी कर बुधवार को रिपोर्ट सौंप सकती है।

Sponsored

 

Sponsored

 

क्या है हाथरस कांड का पूरा मामला ?

Sponsored

 

हाथरस की घटना 14 सितंबर को हुई थी, जब पीड़िता एक खेत में काम कर रही थी। जब उसे आरोपी ने पास के खेत में खींच लिया था और उसके साथ मारपीट की गई थी। परिवार का आरोप है कि उसके साथ गैंगरेप किया गया और उसका गला घोंटा गया। इसके चलते उसे गर्दन की हड्डियों और रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोटों के साथ अलीगढ़ के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में उसे दिल्ली के एक अस्पताल में भेजा गया, जहां 29 सितंबर को उसकी मृत्यु हो गई। इस केस में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जिसमें संदीप भी शामिल है। वहीं, पीड़िता का रात में दाह संस्कार कराने को लेकर प्रशासन निशाने पर था।

Sponsored
Sponsored
Sponsored
Swaraj Shrivastava

Leave a Comment
Share
Published by
Swaraj Shrivastava
Sponsored
  • Recent Posts

    Sponsored