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बिहार में चरित्र प्रमाणपत्र बनवाना और भी आसान, थाने जाने की आवश्यकता नहीं, घर बैठे मिलेगी पूरी सर्विस

बिहार के लोगों को पुलिस विभाग से करैक्टर सर्टिफिकेट (चरित्र प्रमाणपत्र) के लिए दफ्तरों का चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं है। ऑनलाइन आवेदन के पश्चात करैक्टर सर्टिफिकेट की प्राप्ति घर बैठे ही हो जाएगी। अब अप्लाई करने वाले को उनके मोबाइल और ईमेल एड्रेस पर कैरेक्टर सर्टिफिकेट की डिजिटल कॉपी भेज दी जाएगी। जिला विभाग ने इस बाबत सभी जिलों के जिला अधिकारी, एसपी और एसएसपी को निर्देश जारी किया है। आरटीआर के अधिकार के तहत 14 दिनों के अंदर कैरेक्टर सर्टिफिकेट की ऑनलाइन कॉपी ईमेल और मोबाइल पर भेजनी है।

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बता दें कि पहले चरित्र प्रमाण पत्र बनाने के लिए लोगों को थानों का चक्कर लगाना होता था। बीते वर्ष गृह विभाग ने करैक्टर सर्टिफिकेट बनाने के लिए एनआईसी की सहयोग से सर्विस प्लस पोर्टल बनाया जिसके बाद करैक्टर सर्टिफिकेट के लिए ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था शुरू की गई। अब ऑनलाइन आवेदन के साथ ही सर्टिफिकेट बन जाने के बाद उसकी डिजिटल कॉपी लोगों को घर बैठे ही भेज दी जाएगी।

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इसके लिए आवेदन करने वाले लोगों को सर्विस प्लस पोर्टल पर विजिट कर आनलाइन फार्म भरना होता है। फार्म में ही आवेदक का नाम, पता आदि के अलावा मोबाइल नंबर तथा ई-मेल आइडी की जानकारी देनी है। आवेदन में जिस मोबाइल नंबर तथि ई-मेल आइडी की जानकारी दी जाती है, उसी पर कैरेक्टर सर्टिफिकेट की डिजिटल कापी भेजी जाएगी।

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आनलाइन चरित्र प्रमाण पत्र मुहैया कराने के लिए दो सप्ताह की अवधि तय की गई है। पुलिस अधीक्षक के दफ्तर में पत्र प्राप्ति के 14 दिनों के अंदर प्रमाण पत्र बनाने का नियम है। ऐसा नहीं करने पर संबंधित दोषी अधिकारी पर रोजाना 250 रुपये के मुताबिक अर्थदंड लगाया जाएगा। एकमुश्त न्यूनतम 500 रुपये तथा अधिकतम पांच हजार रुपये तक अर्थदंड वसूलने का नियम है। इसकी मानीटरिंग भी करने का निर्देश गृह विभाग ने अधिकारियों को दिया है।

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