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पटना चिड़ियाघर की बढ़ेगी रौनक, दक्षिण अफ्रीका से मंगाए जा रहे हैं जानवर, बनेंगे 11 तरह के थीम पार्क।

जब लोग पटना घूमने के लिए आते हैं, तो उनके लिस्ट में सबसे टॉप पर चिड़ियाघर का नाम जरूर रहता है। चिड़ियाघर आकर लोग प्रकृति के सानिध्य का आनंद उठाते हैं। यहां ढेर सारे जीव-जंतुओं के साथ ही हरियाली भरा माहौल शहरी भागम भाग से थके हुए लोगों को खूबसूरत अहसास देता है। संजय गांधी जैविक उद्यान यानी पटना चिड़ियाघर घूमने वाले लोगों के लिए गुड न्यूज़ है। जल्द ही यहां आने वाले दर्शक जीव-जंतुओं के साथ ही अलग-अलग तरह के थीम आधारित पार्क का दीदार कर सकेंगे। पटना चिड़ियाघर में साउथ अफ्रीका से शेर व कई किस्म के जंगली जानवर लाने की तैयारी शुरू हो गई है।

बता दें कि इसी महीने यानी जुलाई के आखिरी सप्ताह से थीम आधारित पार्क निर्माण का काम शुरू हो जाएगा। 32 हजार वर्ग मीटर एरिया में थीम आधारित पाक बनाने की तैयारी है। इसके तहत यहां पर तितली गार्डेन, मेडिसिन गार्डन और बोनसाई गार्डन सहित 11 प्रकार के पार्क का निर्माण किया जाएगा।

प्रतीकात्मक चित्र

जू के औषधीय पार्क में 500 अलग-अलग तरह के औषधीय पौधे रोपे जाएंगे। औषधियों पेडों के प्रति जागरूकता लाने के मकसद से यह काम हो रहा है। कियोस्क के माध्यम से लोगों को औषधीय पौधों के बारे में जानकारी दी जाएगी। बाद में यहां से लोग औषधीय पौधों की खरीदारी कर सकेंगे। औषधीय पार्क के बारे में बताने के लिए औषधीय गार्डन में गाइड जैसी सुविधा रहेगी।

पटना चिड़ियाघर के निदेशक कार्यालय के समीप लगभग 32000 वर्ग मीटर एरिया में 11 अलग-अलग तरह के थीम आधारित पार्क का निर्माण किया जाना है। पेड़ -पौधों के प्रति दिलचस्पी रखने वाले लोगों के लिए यह पार्क बेहद खास होगा। तितली गार्डन में लोग अलग-अलग तरह की तितलियां देख सकेंगे। तितलियों के पसंदीदा पौधे तितली गार्डन में लगाए जाएंगे। जिससे प्राकृतिक वास का अनुभव तितलियों को प्राप्त हों। हवाई अलग-अलग किस्म के मसालों के पौधे मसाला गार्डन में लगाए जाएंगे। इसमें छोटी-बड़ी इलायची और हल्दी सहित अन्य किस्म के मसालों के पौधे लगाए जाएंगे।

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